Wednesday, November 30, 2022

When Is Dev Diwali 2022 Dev Diwali 2022 Date Time And Shubh Muhurat Dev Deepawali Deep Daan Importance And Vidhi – Dev Diwali 2022: देव दीवाली पर दीपदान का है खास महत्व, जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और विधि


Dev Diwali 2022: देव दीवाली पर दीपदान का है खास महत्व, जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और विधि

Dev Diwali 2022 Date: देव दीपावली के दिन दीप दान का खास महत्व है.

Dev Diwali 2022 Date: कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि को देव दीवाली का पर्व मनाया जाता है. यह दीपावली के 15 दिन बाद पड़ता है. इस साल देव दीवाली 7 नवंबर को मनाई जाएगी. बनारस में देव दीवाली का त्योहार खास उत्साह और समर्पण के साथ मनाया जाता है. इस दिन गंगा नदी में दीपदान करने की परंपरा है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार देव दीवाली, भगवान शिव के त्रिपुरासुर पर विजय प्राप्त करने की खुशी में मनाया जाता है. देव दीवाली को लेकर धार्मिक मान्यता यह भी है कि इस दिन देवता गण पृथ्वी पर आते हैं और काशी में दीवाली मनाते हैं. इसलिए इसे देव दीवाली कहा जाता है. इस दिन दीपदान का विशेष महत्व है. आइए जानते हैं देव दीपावली की तिथि, शुभ मुहूर्त और दीपदान का महत्व.

यह भी पढ़ें

कब है देव दीवाली 2022 | Dev Diwali 2022 date

हिंदू पंचांग के अनुसार देव दीवाली कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है. इस साल कार्तिक पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 7 नवंबर 2022 को शाम 4 बजकर 15 मिनट से हो रही है. वहीं पूर्णिमा तिथि की समाप्ति 8 नवंबर को शाम 4 बजकर 31 मिनट पर हो रही है. ऐसे में देव दीपावली 07 नवंबर 2022 को मनाई जाएगी. 

देव दीपावली 2022 शुभ मुहूर्त | Dev Diwali 2022 Shubh Muhurat

प्रदोष काल में दीपदान का मुहूर्त – 05:14 पी एम से 07:49 पी एम

पूर्णिमा तिथि आरंभ – नवम्बर 07, 2022 को 04:15 पी एम बजे

पूर्णिमा तिथि समाप्त – नवम्बर 08, 2022 को 04:31 पी एम बजे

देव दीवाली पर कैसे करें दीपदान | how to Deep Daan on Dev Diwali

देव दीवाली पर यानी कार्तिक पूर्णिमा के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान ध्यान से निवृत हो जाएं. इसके बाद सबसे पहले उगते हुए सूर्य को जल अर्पित करें. फिर तुलसी माता को जल अर्पित करें. इसके बाद भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए. देव दीवाली पर शाम के समय प्रदोष काल में 11, 21, 51 या 108 आटे का दीया बनाकर उसमें तेल डालें. इसके बाद सभी देवी-देवताओं और ईष्ट देव का स्मरण करते हुए दीपक पर कुमकुम, हल्दी, अक्षत, और फूल अर्पित करें. इसके बाद दीपक को नदी में विसर्जित करना चाहिए. 

दीपदान का क्या है महत्व | Deep Daan Importance

पौराणिक मान्यता है कि देव दीवाली यानी कार्तिक पूर्णिमा के दिन काशी के गंगा घाट पर स्नान करने के लिए पधारते हैं. मान्यता है कि जो कोई इस दिन प्रदोष काल में नदी में दीपदान करता है, उसे शत्रुओं का भय नहीं सताता है. इसके अलावा जीवन में सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है. कहा जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान शिव के निमित्त दीपक जलाने से जीवन में उन्नति होती है. इसके अलावा मान्यता यह भी है कि देव दीवाली पर दीपदान करने से यम, शनि, राहु-केतु के बुरे प्रभाव कम हो जाते हैं और मां लक्ष्मी की कृपा से आर्थिक जीवन खुशहाल रहता है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

लोक आस्था का पर्व छठ संपन्न, बनारस के घाट से देखें अजय सिंह की रिपोर्ट​

Featured Video Of The Day

पंजाब के किसानों ने NDTV से कहा- “मशीनें नहीं मिली तो पराली का क्या करें” 



Source link

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,587FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles

icon

We'd like to notify you about the latest updates

You can unsubscribe from notifications anytime